* जिन हाथों ने आपको हर ठोकर से बचाया और गिरते हुए सँभाला !
* जिन हाथों ने अपनी अथक परिश्रम की कमाई की आप पर बडे प्रेम से लुटाया !
* जो हाथ सदा आपकी खुशहालीकी कामना से आशीष के लिए उठते रहे आज वे निर्बल ,अक्षम हाथ सहारा पाने के लिए लाचार हें !
आओ कृतज्ञता भरे भावों से उन्हें सँभाले ,उनहे प्रेम ,अपनापन और सम्मान दें ॰
*उनके प्रति श्र्द्धा का दीप जलाएं श्रद्धापर्व मनाएं ,
बृद्धो के प्रति करुणा ,श्रद्धा और आदर से ओत ,प्रोत पुज्य गुरुदेव सुधांशु जी महाराज द्वारा प्रणीत हर 2 अक्तूबर को श्रध्दापर्व मनाएं !
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Friday, June 25, 2010
अमृत वचन
यह ध्यान रखिए कि आपनी अक्ल
से अपनी समस्याओं का सामना करना अलग बात हे
!दूसरी बात जितना आप खुश रहेंगे उतना आपके
शरीर की शक्ति आपके साथ जूझेंगी !
गांधीजी कहते थे बिना कमाए यदि आप खा रहे हें
तो आप चोरी कर रहे हें !
से अपनी समस्याओं का सामना करना अलग बात हे
!दूसरी बात जितना आप खुश रहेंगे उतना आपके
शरीर की शक्ति आपके साथ जूझेंगी !
गांधीजी कहते थे बिना कमाए यदि आप खा रहे हें
तो आप चोरी कर रहे हें !
उपयोगी बातें
जीवन हे मिट्टी का सुंदर खिलोना !
जीवन हे कांटों का दुर्लभ बिछोना !
जीवन के सफर में अनेक कष्ट आते !
मिटें कष्ट कैसे यह सदगुरु बताते !
दान न जाने तो धन व्यर्थ हे !
प्रेम न जाने तो संबद्ध व्यर्थ हे !
मर्म न जाने तो कर्म व्यर्थ हे !
धर्म न जाने तो जीवन व्यर्थ हे !
संग्रह करो तो त्याग भी करो !
कमाओ तो उपयोग भी करो !
ज्ञान किया हे तो उपयोग भी करो !
सामर्थ्य हो तो सहयोग भी करो !
बृक्ष की गरिमा फल बांटने में हे !
बादल की गरिमा जल बांट्ने में हे !
भक्ति की गरिमा प्यार बांटने में हे !
व्यक्ति की गरिमा उपहार बांटने में हे !
जीवन हे कांटों का दुर्लभ बिछोना !
जीवन के सफर में अनेक कष्ट आते !
मिटें कष्ट कैसे यह सदगुरु बताते !
दान न जाने तो धन व्यर्थ हे !
प्रेम न जाने तो संबद्ध व्यर्थ हे !
मर्म न जाने तो कर्म व्यर्थ हे !
धर्म न जाने तो जीवन व्यर्थ हे !
संग्रह करो तो त्याग भी करो !
कमाओ तो उपयोग भी करो !
ज्ञान किया हे तो उपयोग भी करो !
सामर्थ्य हो तो सहयोग भी करो !
बृक्ष की गरिमा फल बांटने में हे !
बादल की गरिमा जल बांट्ने में हे !
भक्ति की गरिमा प्यार बांटने में हे !
व्यक्ति की गरिमा उपहार बांटने में हे !
गुरु वाणी
गुरु वाणी
जिज्ञासा प्रारंभ में परमात्मा ने हमको दी और हमारी कोशिश होनी चाहिए की इस जिज्ञासा को हम मरने न दें क्योकि हम इस संसार में जानने के लिए आये हैं।
गुरुवर सुधांशुजी महाराज के प्रवचनांश
--
Rashmi द्वारा GURU VATIKA SE CHUNE PHOOL-Good thoughts by SUDHANSHUJI Maharaj के लिए 6/22/2010 11:22:00 PM को पोस्ट किया गया
Thursday, June 17, 2010
गुरुपूर्णिमा महोत्सव के देशव्यापी कार्यकर्म
----- Original Message -----
Sent: Thursday, June 17, 2010 8:31 AM
Subject: [VISHWAJAGRITI MISSION DELHI] गुरुपूर्णिमा महोत्सव के देशव्यापी कार्यकर्म
From: Madan Gopal Garga
To: mggarga312@gmail.comSent: Thursday, June 17, 2010 8:31 AM
Subject: [VISHWAJAGRITI MISSION DELHI] गुरुपूर्णिमा महोत्सव के देशव्यापी कार्यकर्म
गुरुपूर्णिमा महोत्सव के देशव्यापी कार्यकर्म
पुणे महाराष्ट्र
२ और ३ जुलाई
सम्पर्क सूत्र, ०९४२२३१७१९०,०९८२३०१५१०७,०९८५०३०८३१९,०९३७१००२३९४
पंचकुला ,चंडीगढ़
१० और ११ जुलाई
sampark सूत्र ,०१७२-३२०१३०० ,०९८१४०१२५०२,०९८१४०१२५०३
थाणे .मुंबई
४ जुलाई
स्थान =वरदान लोक आशरम
सम्पर्क सूत्र ०९८७०४०२०१०,०९८२१०५१९४२
कानपुर ,उ.प्र।
१८ जुलाई
सम्पर्क सूत्र 09336226811
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Madan Gopal Garga द्वारा VISHWAJAGRITI MISSION DELHI के लिए 6/16/2010 03:04:00 PM को पोस्ट किया गया
Saturday, May 8, 2010
खुशी
देने वाले मालिक ने आपको बहुत कुछ दिया लेकिन सब कुछ नहीं दिया ,कुछ न कुछ कमी रखी ! अगर कमि पर ध्यान देते रहोगे तो रोते रहोगे और अगर जो दिया हे उस पर ध्यान करोगे तो खुशी आयगी !
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